इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में बवाल, 15 गाड़ियां फूंकी

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प्रयागराज :- इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में सोमवार दोपहर बवाल हो गया। इसमें 6 छात्र घायल हो गए। छात्र नेता विवेकानंद पाठक को सुरक्षा कर्मियों ने यूनिवर्सिटी के अंदर जाने से रोक दिया। इसके बाद पुलिस और छात्रों के बीच हिंसक झड़प हो गई। छात्रों ने पुलिस पर पथराव भी किए। घंटे भर में यूनिवर्सिटी कैंपस छावनी में बदल गई। मामला बेकाबू हो गया। पुलिस को भी भीड़ को तितर-बितर करने के लिए फायरिंग करनी पड़ी। सूचना मिलते ही मौके परजिलाधिकारी संजय कुमार खत्री, पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे। छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए पूरे जिले की पुलिस बुला ली गई है। पूरा कैंपस छावनी में तब्दील हो गया है। वहीं घायल छात्र नेता विवेकानंद पाठक खून से लथपथ कैंपस में अनशन पर बैठे हैं। उनका कहना है कि मेडिकल तो कराएंगे, लेकिन इलाज तब तक नहीं कराएंगे, जब तक पिटाई करने वाले गार्डों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती है।

पूर्व छात्र नेता को गेट पर रोका था

  • छात्र नेता विवेकानंद पाठक अपनी कार से विश्वविद्यालय के अंदर भारतीय स्टेट बैंक जा रहे थे। तभी गेट पास सुरक्षा कर्मियों ने रोका। इस पर विवेकानंद ने कहा, “मैं छात्र नेता हूं, मुझे मत रोको।” इस बात पर विवेकानंद और सुरक्षाकर्मियों में काफी लंबी बहस होने लगी। आरोप है कि सुरक्षा कर्मियों ने विवेकानंद को बुरी तरह पीटा। इस दौरान उसको काफी चोट आ गई।

    पुलिस कर्मियों पर चलाए पत्थर

    इसकी जानकारी जब अन्य छात्रों को हुई तो हजारों की संख्या में छात्र आए। रास्ते में खड़ी प्रोफेसर सहित 12 कारों के शीशे तोड़ दिए। 15 से 20 बाइकों में आग लगा दी। इतना ही नहीं विश्वविद्यालय की कैंटीन को भी आग के हवाले कर दिया। कई कमरे की खिडकियां तोड़ दी। इस दौरान छात्रों ने पुलिसकर्मियों पर जमकर पत्थरबाजी की। पुलिस फोर्स ने रोकने का प्रयास किया तो पुलिस कर्मियों पर भी पत्थर चलाए। हालांकि किसी पुलिस कर्मी के घायल होने की जानकारी नहीं है।

    दो किलोमीटर के दायरे में सभी दुकानें बंद

    इस दौरान कॉलेज के दो किलोमीटर के दायरे की सभी दुकानें बंद हो गई। पुलिस ने बैरिकेडिंग करके सभी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। छात्रों का कहना है कि सुरक्षा कर्मियों को तुरंत बर्खास्त किया जाए। उनकी गिरफ्तारी हो और वह माफी मांगें।

    छात्र नेता बोले- किसी तरह मेरी जान बच गई

    विवेकानंद पाठक का कहना है, मेरा खाता यूनिवर्सिटी के भारतीय स्टेट बैंक के ब्रांच में है। मैं केवाइसी के लिए आया था। मैंने गार्ड से ताला खोलने के लिए कहा, तो उसने मेरे साथ बदतमीजी की। फिर वह अपने साथियों के साथ हथियारों से लैस होकर आया। मैं साथियों के साथ बैठा था, तो मुझ पर हमला किया।फायरिंग भी की। किसी तरह मेरी जान बच गई। इससे पहले इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के हालैंड हाल हॉस्टल के छात्रों ने जमकर बवाल किया था। छात्रों ने मामूली कहासुनी पर छात्रों ने एक कैफे संचालकर से मारपीट की। यूनिवर्सिटी के आनन्द भवन के सामने स्थित सुट्टा बार कैफे के संचालक के साथ दर्जनों छात्रों ने जमकर मारपीट की। इस मारपीट में कैफे संचालक के चचेरे भाई को गंभीर चोटें आई।

 

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