इलाहाबाद विश्वविद्यालय में हुए बवाल के दूसरे दिन परिसर के बाहर भारी संख्या में तैनात दिखे पुलिस बल

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प्रयागराज पूर्व के आक्सफोर्ड’ नाम से प्रसिद्ध इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बीते 19 दिसंबर सोमवार की शाम विश्वविद्यालय परिसर में अचानक गर्मी बढ़ गई। मामला पूर्व छात्रनेता व कांग्रेस के प्रदेश सचिव विवेकानंद पाठक से अभद्रता से शुरू हुआ। बताया गया वह यूनियन हॉल के पास स्थित एसबीआई शाखा में जा रहे थे। तभी सुरक्षा गार्डों ने उन्हें भीतर जाने से रोक दिया। इसे लेकर नोकझोंक हुई तो एक असिस्टेंट प्रोफेसर के बीचबचाव पर मामला शांत हो गया और विवेकानंद भीतर चले गए। कुछ देर बाद बड़ी संख्या में गार्ड डंडे व लोहे की रॉड व असलहों से लैस होकर आए और छात्रों को पीटना शुरू कर दिया। पूर्व छात्र नेता को पीटे जाने की खबर विश्विद्यालय में आग की तरह फ़ैल गई. जिसके बाद भारी तादाद में छात्र जमा हो गए। छात्रों ने विश्विद्यालय कैंपस के अंदर तोड़फोड़, और आगजनी जैसी घटनाओं को अंजाम दिया। कई बाइक को आग के हवाले और कारों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में स्थिति को नियंत्रण करने के लिए सूचना पर पुलिस आयुक्त रमित शर्मा, एडिशनल कमिश्नर आकाश कुलहरि, डीएम संजय खत्री डेढ़ दर्जन थानों की फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे और किसी तरह स्थिति को नियंत्रित की।
बवाल के चलते विश्वविद्यालय प्रशासन ने 20 दिसंबर को विश्वविद्यालय को पूरी तरह से बंद रखा। बता दें कि 17 दिसंबर से ही विवि में शीतकालीन अवकाश के चलते शिक्षण कार्य स्थगित है। विश्वविद्यालय में हुए विवाद के संबंध में छात्र नेता अजय यादव सम्राट ने बताया कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय मानसिक रूप से दिवालियापन का शिकार हो चुका है जिस बर्बरता पूर्वक विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा तैनात सुरक्षा गार्डो द्वारा छात्रों को बुरी तरीके से पीटा गया यह अपने आप में बेहद दुखद घटना है। इस घटना में 20 से 25 छात्र घायल हुए। हम लोग एक लंबे समय से विश्वविद्यालय में हुई 400% फीस वृद्धि को लेकर आंदोलित हैं। 400% फीस वृद्धि व छात्रसंघ बहाली के मसले पर जिला प्रशासन, विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्र प्रतिनिधियों के बीच वार्ता हुई। लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन की हठ धर्मिता की वजह से वार्ता असफल रही। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में हुए बवाल के दूसरे दिन कई पूर्व छात्र नेता विश्वविद्यालय की घटना को लेकर विद्यालय परिसर पहुंचे। छात्रों द्वारा 2018 से बंद पड़े छात्र भवन के कमरों में लगे तालो को तोड़कर छात्र नेता सद्दाम अंसारी छात्र भवन की छत पर चढ़कर संदेश दिया कि आने वाले समय में इस विद्यालय में छात्र संघ का चुनाव जल्द होगा। तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। विश्वविद्यालय में घटित हुई घटना के बारे में पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रही डॉक्टर रिचा सिंह ने कहा कल हुए बवाल में जिला प्रशासन ने क्रॉस एफ आई आर दर्ज की है हालांकि छात्रों द्वारा दी गई तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया लेकिन गिरफ्तारी अभी नहीं हुई, या पहलू अपने आप में बेहद दुखद है। साथ आरोप लगाते हुए यह भी कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में तैनात निजी सुरक्षा गार्डों के द्वारा लाठियां चलाई गई साथ ही हवाई फायरिंग की गई। विश्वविद्यालय में घटित हुई घटना एक बेहद दुखद घटना है। जिस तरीके से सुरक्षा गार्डों द्वारा छात्रों को ढेर कर बुरी तरीके से पीटा गया। रिचा सिंह ने बताया कि हम लोगों की तरफ से यही रणनीति है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो। छात्रों पर दर्ज किए गए मुकदमे को वापस लिया जाए। छात्रसंघ परिसर के मुख्य गेट को खोल दिया जाए। विश्वविद्यालय के जिम्मेदार अधिकारियों को नामजद कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए साथ ही साथ विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर छात्रों के समक्ष उपस्थित होकर संवाद करें ताकि विश्व विद्यालय में पठन-पाठन का माहौल स्थापित हो सके।

मोहम्मद रिजवान प्रयागराज

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