काशी के 84 घाटों ने किया गंगा स्नान,बदला आरती स्थल, शवदाह में हो रही दिक्कत

0
134

वाराणसी।बनारस समेत पूरा पूर्वांचल अभी सामान्य बारिश के लिए तरस रहा है।इसके बाद भी गंगा का जलस्तर चार सेंमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है।पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बारिश से गंगा के जलस्तर का बढ़ना निरंतर जारी है।शुक्रवार दोपहर बाद जलस्तर चेतावनी बिंदु से महज पांच मीटर नीचे था। बनारस के 84 घाटों का आपसी संपर्क टूट गया है।पानी में होकर एक से दूसरे घाट जाना पड़ रहा है।काशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार पर सन्नाटा पसरा है।घाटों की ऊपरी सीढ़ियों पर पानी पहुंचने लगा है।

गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण हरिश्चंद्र घाट पर अब शवदाह में परेशानी होने लगी है।मणिकर्णिका घाट पर पानी अभी शवदाह स्थल से काफी नीचे है।रोक के बाद भी गंगा में नौका संचालन अब भी जारी है।इसके अलावा बड़ी संख्या में लोग दशाश्वमेध समेत अन्य घाटों पर गंगा स्नान करते नजर आ रहे हैं। केंद्रीय जल आयोग शुक्रवार सुबह 8 बजे तक गंगा का जलस्तर 65.30 मीटर दर्ज किया था।

बनारस में 84 घाटों का संपर्क पूरी तरह से समाप्त होने के बाद अब वरुणा का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया है। ऐसे में तटवर्ती इलाकों में रहने वालों की बेचैनी बढ़ गई है। जिला प्रशासन ने सभी को विशेष एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं।

पिछले 24 घंटे से अधिक में गंगा के जलस्तर में दो फीट से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई और बढना जारी है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार तीन सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। नाविकों का कहना है कि फिलहाल स्थिति चिंताजनक नहीं है।

गंगा का जलस्तर बढ़ने से अस्सी से राजघाट के किनारे स्थित छोटे मंदिर और मढियां पानी में समा गए हैं। सिंधिया और मणिकर्णिका घाट के बीच रत्नेश्वर महादेव का मंदिर भी डूबने की कगार पर है।अब सिर्फ मंदिर का शिखर ही बचा है।
नवनिर्मित नमो घाट के प्लेटफॉर्म को जलस्तर छूने लगा है। पानी में बढ़ाव के मद्देनजर रोक के बावजूद नाविकों ने अभी गंगा में नौका संचालन बंद नहीं किया है। शुक्रवार को भी यात्रियों से भरी नावें चलती दिखीं।

शुक्रवार शाम लगातार तीसरे दिन दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि की ओर से होने वाली आरती का स्थान बदल दिया गया। शीतला मंदिर के नीचे स्थित दक्षिणी शीतला माई मंदिर की गुफा में गंगा का पानी प्रवेश कर गया। शाम को वरुणा में भी बढ़ाव तेज हो गया। वरुणा क्षेत्र के नक्खी घाट, मीर घाट, अंसार घाट, बघवानाला, तीनपुलिया घाट, ऊंचवा घाट, शैलपुत्री और कोनिया के विजईपुरा सहित वरुणा की तलहटी में रहने वालों की बेचैनी बढ़ गई है।

गंगा में बढ़ रहे पानी पर प्रशासन की नजर है। लगातार केंद्रीय जल आयोग से रिपोर्ट ली जा रही है। जल पुलिस को अलर्ट मोड में है। इसके अलावा संभावित बाढ़ को देखते हुए एनडीआरएफ की दो टीमें तैनात कर दी गई हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here