काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण की पहली वर्षगांठ पर कल होगा भव्य आयोजन,ये कार्यक्रम उत्सव को बनाएंगे यादगार

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वाराणसी।विश्व विख्यात देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी के काशी विश्‍वनाथ धाम के लोकार्पण का कल 13 दिसंबर को एक साल पूरा हो जाएगा।इस मौके पर होने वाला भव्‍य उत्सव बेहद खास होगा।यह उत्सव देश ही नहीं विश्व भर के श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र होगा।लोकार्पण की पहली वर्षगांठ को यादगार बनाने के लिए हवन पूजन से लेकर गोष्‍ठी और सांस्‍कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।काशी विश्‍वनाथ धाम में 13 दिसंबर की सुबह से ही वेद मंत्र और वैदिक ऋचाएं तो शाम को अनुराधा पौडवाल के भजन पूरे परिसर में गूंजेंगे।

भव्य तरीके से निकलेगी देवाधिदेव महादेव की बारात,सर्व समाज की होगी भागीदारी

पहली बार शिवरात्रि के अलावा देवाधिदेव महादेव की भव्य बारात निकलेगी।बारात में काशी के लोग बाराती होंगे।शिव बारात समिति के संयोजक दिलीप सिंह ने बताया कि लोकार्पण उत्‍सव को भव्य और दिव्य बनाने के लिए प्रारंभ हो रही शिव बरात की नई परंपरा में सर्वसमाज की भागीदारी होगी। मैदागिन से चितरंजन पार्क तक निकलने वाली शिव बरात में लाग-विमान, लोक कलाकारों की प्रस्‍तुतियां और झांकियां आकर्षित करेंगी।कई धर्माचार्य भी बरात में शामिल होंगे।

हर तरफ सुनायी देगी देवाधिदेव महादेव की गूंज

काशी विश्‍वनाथ मंदिर के मुख्‍य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि लोकार्पण के एक साल पूरा होने पर धाम को फूल-मालाओं और बिजली की झालरों से सजाया जाएगा। 13 दिसंबर को सुबह 11 बजे से धाम में हवन होगा। मैदागिन से लेकर गंगा घाट तक मंगलवार को हर तरफ हर हर महादेव की गूंज सुनायी देगी।

आपको बता दें कि मंगलवार को काशी नगरी के लोग जहां बाबा विश्वनाथ की शोभायात्रा निकालेंगे,वहीं मंदिर परिसर वेदमंत्रों से गुंजायमान होगा।मंदिर में हवन, पूजन से लेकर गोष्ठी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करेगी।शाम को प्रख्यात भजन गायिका अनुराधा पौडवाल के भजनों की सुर सरिता में भक्त गोते लगाएंगे।इसके साथ ही मैदागिन से चितरंजन पार्क तक निकलने वाली शोभा यात्रा में काशी की सड़कों पर लघु भारत का नजारा जीवंत होगा।शिवोत्सव में उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक की संस्कृतियों के विविध रंग एकाकार होंगे।एक हजार महिलाएं भी इस शोभायात्रा में शामिल होंगी।इसमें 35 झांकियों के साथ काशी के लोग, साहित्यकार, वकील, चिकित्सक के साथ ही सभी समाज के लोग शामिल होंगे। असम, सोनभद्र, बुंदेलखंड और गोरखपुर के लोक कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।

बता दें कि बीते साल 13 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 लाख वर्ग फुट के विशाल क्षेत्र में आकार लिए विश्‍वनाथ धाम का लोकार्पण किया था।इसके बाद आध्यात्मिक नगरी काशी में धार्मिक पर्यटन को पंख लग गए हैं। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कई गुना ज्यादा इजाफा हुआ है।

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