कुम्भ मेला से पहले प्रयागराज में शुरू हो जाए मेट्रो रेल सेवा तो, पूरे विश्व में जाएगा अच्छा संदेशः नन्दी

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मंत्री नन्दी ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर महाकुम्भ मेला 2025 को भव्य से भव्यतम बनाने का दिया सुझाव

मेला क्षेत्र के आस-पास भव्य डिजिटल कुम्भ म्यूजियम के स्थायी निर्माण का भी दिया सुझाव

संगम नगरी प्रयागराज में दिव्य कुम्भ, भव्य कुम्भ 2019 के बाद दिव्य एवं भव्य महाकुम्भ 2025 के आयोजन की भव्यता एवं दिव्यता में और निखार लाने की तैयारियों को लेकर उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री एवं प्रयागराज शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के विधायक नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विचार विमर्श एवं चर्चा की। महाकुम्भ 2025 में आने वाले तीर्थ यात्रियों एवं श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ ही प्रयागराज की भव्यता में और चार चांद लगाने के लिए कई सुझाव दिए।
मंत्री नन्दी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहा कि आपके सतत निर्देशों के अनुपालन में भव्य एवं दिव्य महाकुम्भ 2025 की तैयारियां, शुरू हो गई हैं, जिसके अंतर्गत कई नई परियोजनाएं विचाराधीन हैं। ऐसे में अगर प्रदेश के अन्य जनपदों लखनऊ, कानपुर व गौतमबुद्धनगर में परिचालित मेट्रो रेल सेवा की भांति प्रयागराज में भी मेट्रो रेल सेवा आगामी कुम्भ मेला से पूर्व बन कर तैयार हो जाए तो इसका देश-विदेश में काफी अच्छा संदेश जाएगा। इसके लिए कनिहार-बमरौल और छिवकी-शांतिपुरम की मेट्रो लाइन को परेड पर एक्रॉस मिला कर निर्माण कराने से गंगा नदी पर एक अतिरिक्त पुल निर्माण की आवश्यकता होगी।
मंत्री नन्दी ने महाकुम्भ मेला के भव्य आयोजन को लेकर संगम क्षेत्र के आस-पास के एरिया में एक भव्य डिजिटल कुम्भ म्यूजियम का निर्माण किए जाने का भी सुझाव दिया। मंत्री नन्दी ने कहा कि डिजिटल म्यूजियम के साथ एक कल्चरल हब बनाने से पर्यटन विभाग के माध्यम से सरकार के राजस्व में काफी वृद्धि की सम्भावना बनेगी। जिसके लिए प्रयागराज शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र में स्थित त्रिवेणी पुष्प व वोट क्लब के आगे करीब एक किलोमीटर की दूरी पर पीडीए व नगर निगम की पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। भव्य डिजिटल कुम्भ म्यूजियम केवल महाकुम्भ 2025 के दौरान ही नहीं, बल्कि प्रत्येक वर्ष लगने वाले माघ मेला व छह साल बाद लगने वाले कुम्भ मेला व अन्य दिवसों में संगम प्रयागराज आने वाले पर्यटकों के लिए न सिर्फ आकर्षण का केंद्र साबित होगा, बल्कि धर्म क्षेत्र की संस्कृति को आगे बढ़ाने में सहयोग करेगा। यही नहीं, पर्यटक त्रिवेणी पुष्प का अवलोकन कर वोट क्लब नौकायन करके डिजिटल म्यूजियम देखने जाएं, इस के लिए अरैल में एक कल्चरल हाल का भी निर्माण कराया जाना बेहतर होगा। जहां पर प्रदेश के ओडीओपी के सेंटर भी बनाए जाएं।
मंत्री नन्दी के सुझावों को सुनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे गम्भीरता से लेते हुए विचार किए जाने पर सहमति जताई। कहा कि जल्द ही इन सुझावों के साथ ही अन्य सुझावों पर भी निर्णय लिया जाएगा।

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