कौशांबी में 3400 लोग बिना बिजली के ही रहने को मजबूर

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मंझनपुर। बिजली का कनेक्शन नहीं जुड़ने से आक्रोशित कांशीराम कॉलोनी निवारी महिलाओं और किन्नरों के सब्र का बांध सोमवार को टूट गया। पहले तो बिल वसूलने पहुंची टीम के साथ नोकझोंक हुई। फिर बच्चों के साथ आईं महिलाओं ने बिजली उपकेंद्र का घेराव और हंगामा किया। इसके बाद भी जब अफसर नहीं आए तो सड़क जाम करके प्रदर्शन करने लगीं। किसी तरह पुलिसकर्मियों ने सभी को समझाकर जाम खुलवाया।होम
बिजली उपकेंद्र में हंगामे के बाद महिलाओं और किन्नरों ने सड़क किया जाम कांशीराम कॉलोनी में बिजली कटने के बाद सड़क पर लेटकर चक्का जाम करते किन्नर और महिलाएं। कांशीराम कॉलोनी में बिजली कटने के बाद सड़क पर लेटकर चक्का जाम करते किन्नर और महिलाएं मंझनपुर बिजली का कनेक्शन नहीं जुड़ने से आक्रोशित कांशीराम कॉलोनी निवारी महिलाओं और किन्नरों के सब्र का बांध सोमवार को टूट गया। पहले तो बिल वसूलने पहुंची टीम के साथ नोकझोंक हुई। फिर बच्चों के साथ आईं महिलाओं ने बिजली उपकेंद्र का घेराव और हंगामा किया। इसके बाद भी जब अफसर नहीं आए तो सड़क जाम करके प्रदर्शन करने लगीं। किसी तरह पुलिसकर्मियों ने सभी को समझाकर जाम खुलवाया।
बिजली का बिल बकाया होने पर पॉवर कॉरपोरेशन ने गांधी नगर और समदा स्थित तीनों कांशीराम कॉलोनियों का कनेक्शन काट दिया था। पांच दिन से तीनों कॉलोनियों के करीब 3500 लोग बिना बिजली के ही रहने को मजबूर हैं। सोमवार को कॉरपोरेशन की एक टीम गांधी नगर स्थित कॉलोनी में कैंप लगाने पहुंची थी। कॉलोनी के कनेक्शनों की जांच होनी थी। इस के साथ बिल जमा कराया जाना था। टीम को देख कॉलोनी के लोग बिफर गए। कनेक्शन जोड़ने के लिए लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया।कर्मचारियों से गालीगलौज करने लगे। पुलिस पहुंची तो कॉलोनी की महिलाएं बच्चों को लेकर मंझनपुर आ गईं। उनके साथ कॉलोनी में ही रहने वाले कुछ किन्नर भी थे। इन लोगों ने बिजली उपकेंद्र का घेराव करके खूब नारेबाजी। करीब आधे घंटे तक उपकेंद्र में हंगामा होता रहा। कर्मचारी जेई के कमरे का दरवाजा बंद करना चाहा तो किन्नर भड़क उठे। अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करने लगे। पुलिस के पहुंचने पर किन्नरों व महिलाओं ने मंझनपुर-समदा सड़क जाम कर दिया। सड़क पर बैठकर कॉरपोरेशन के अभियंताओं को बुलाने और कॉलोनी का कनेक्शन जुड़वाने की मांग करने लगीं। देखते ही देखते दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई। पुलिस ने हटाने का प्रयास किया तो आक्रोशित लोग सड़क पर लेट गए। किसी तरह पुलिस ने सभी को समझाकर यातायात सामान्य कराया। इसके बाद अधिशासी अभियंता अंकित कुमार मातहतों के साथ डायट मैदान पहुंचे और महिलाओं से बातचीत की।
कॉलोनी से आईं गुड्डी देवी, नेहा, दुर्गावती, केतकी, सुषमा आदि ने कहा कि आवास आवंटन के समय बिजली और पानी नि:शुल्क देने की बात कही गई थी। अब बिजली का बिल मांगा जा रहा है। रोज कमाने-खाने वाले लोग कॉलोनी में रहते हैं। एक-एक पैसे की किल्लत है। ऐसे में बिजली का बिल कहां से चुकाएंगे।

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