जिंदगी में कभी कोई समस्या आए तो उसे चुनौती के रूप में स्वीकार करें:नन्दी

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उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री एवं प्रयागराज शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र से विधायक नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी शनिवार को नैनी स्थित बेथनी कॉन्वेंट स्कूल में बेथनी एजुकेशन सोसायटी के 75वें वर्षगांठ पर आयोजित वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।
मंत्री नन्दी ने छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जिंदगी में कभी कोई समस्या आए तो उसे चुनौती के रूप में स्वीकार करें। घबराएं नही, दृढ़ संकल्प और इच्छा शक्ति के साथ ठान लिया तो कुछ भी असंभव नहीं है।
विद्यालय की प्रधानाचार्य सिस्टर शमिता द्वारा मुख्य अतिथि नंद गोपाल गुप्ता नंदी का( कैबिनेट मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार), प्रयागराज की महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी, बेथनी एजुकेशनल सोसाइटी पूर्वी प्रांत की कारपोरेट मैनेजर सिस्टर जस्सी मारिया, सहायक प्रांतीय मैनेजर सिस्टर अनीता मोरिस, सिस्टर मार्गिटा, फादर यूजीन मस्करेनस, फादर सेबेस्टियन फ्रांसिस तथा सभी गणमान्य अतिथियों को माला पहनाकर व उन्हें पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया |
छात्रों द्वारा बैंड बजा कर अतिथियों का अभिनंदन किया गया | मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलन के बाद कार्यक्रम प्रारंभ हुआ | कॉरपोरेट मैनेजर डॉ सिस्टर जस्सी मारिया द्वारा बेथनी एजुकेशनल सोसाइटी की 75 वीं वर्षगांठ के अवसर पर पूर्वी प्रांत का प्रतिनिधित्व करने वाले ‘हीरक जयंती’ के ‘प्रतीक चिन्ह’ को प्रकाशित किया गया और गुब्बारों को उड़ाकर तथा जयन्ती गीत द्वारा प्रेम ,शांति तथा मानवता का संदेश प्रसारित किया गया | प्रधानाचार्य सिस्टर शमिता द्वारा मुख्य अतिथि व कारपोरेट मैनेजर को स्मृति चिन्ह व शाॅल प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया गया | मुख्यमंत्री द्वारा विद्यालय के प्रतिभाशाली छात्रों का अभिनंदन किया गया और उन्हें प्रमाण पत्र दिए हैं | प्रधानाचार्या सिस्टर शमिता द्वारा विद्यार्थियों को नैतिकता, बुद्धिमत्ता, तथा जीवन में सफल होने के लिए प्रेरणात्मक संज्ञान दिए गये |छात्रों ने प्रार्थना गीत व नृत्य, स्वागत गीत तथा नृत्य नाटिका ‘जीवन की परिपूर्णता’ का भव्य मंचन किया | नृत्य नाटिका के माध्यम से यह संदेश प्रसारित किया गया कि लालच की प्रवृत्ति मानव के चरित्र का हनन करती है | आंतरिक सुख और शांति संतुष्टि से ही संभव है | छात्र संसद के माध्यम से विद्यालय की प्रगति की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई | छात्रों द्वारा गोवा, केरल, पंजाब , यूपी ,झारखंड आदि विभिन्न राज्यों के मंत्रमुग्ध करने वाले लोक नृत्य प्रस्तुत किए गए| विद्यालय का प्रांगण तालियों की ध्वनि से गूंज उठा | मुख्य अतिथि द्वारा मंच से जनता को संबोधित किया गया | विद्यालय सरस्वती का ऐसा मन्दिर हैं जिसमें बालकों का बौद्धिक, मानसिक एवं शारीरिक विकास किया जाता हैं. इसलिए पूरे शिक्षा सत्र छात्रों को केवल पुस्तकें पढ़ने में ही नहीं बल्कि उन्हें समय समय पर ऐसी अन्य प्रवृत्तियों में भी लगाए रखना विद्यार्थियों के लिए जरुरी हैं.

जिनसे मन तरोताजा रहे और छात्रों की अध्ययन में अभिरुचि बढ़े. स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन में प्रतिभा का प्रसार होता हैं.

इस तथ्य पर विचारकर विद्यालयों में पाठ्यक्रम के साथ साथ अन्य सहगामी प्रवृत्तियों का संचालन किया जाता हैं.

वार्षिकोत्सव का महत्व

विद्यालयों में अनेक प्रकार के कार्यक्रम चलाए जाते हैं. कभी अंत कक्षा प्रतियोगिता होती हैं तो कभी वाद विवाद श्लोक या कविता पाठ या अंत्याक्षरी होती हैं,इस दृष्टि से विद्यालय के वार्षिकोत्सव का विशेष महत्व हैं. प्रायः सभी विद्यालय इस महत्व को अच्छी तरह जानते हैं. इसलिए वे इसका आयोजन विशाल स्तर पर प्रतिवर्ष करते हैं तथा इससे अन्य विद्यालयों की अपेक्षा स्वयं को श्रेष्ठ बतलाते हैं. इससे न केवल छात्रों में अपितु अभिभावकों में भी आकर्षण बढ़ता हैं.

प्रधानाचार्य ने मुख्य अतिथि तथा आए हुए आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया | कार्यक्रम का समापन धन्यवाद भाषण व राष्ट्रीयगान से किया गया |
कार्यक्रम में वाइस प्रिंसिपल सिस्टर बीना सिस्टर जिना फिजिकल एजुकेशन टीचर मोहम्मद साबिर व दीपक कुमार उपस्थित रहे।

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