निराश्रित गोंवश के संरक्षण में लापरवाही पर होगी अनुशासनात्मक कार्यवाही- जिलाधिकारी

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निराश्रित गोंवश के संरक्षण हेतु गठित जनपद स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक सम्पन्न



प्रतापगढ़। जिलाधिकारी डा0 नितिन बंसल की अध्यक्षता में विकास भवन के सभागार में निराश्रित गोवंश के संरक्षण हेतु गठित जनपद स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया है कि जनपद में संचालित गोवंश आश्रय स्थल की कुल संख्या 57 है जिनमें 40 अस्थायी, 08 कांजी हाउस, 05 वृहद गो-संरक्षण केन्द्र एवं 04 नगर पालिका नगर पंचायतों में है। अस्थायी गोवंश आश्रय स्थलों में 4955 गोवंश संरक्षित है। वृहद गो संरक्षण केन्द्र में 765 गोवंश एवं कान्हा गौशाला में 650 गोवंश संरक्षित है तथा कांजी हाउस में 338 गोवंश संरक्षित है। बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गोशालाओं के जो नोडल अधिकारी नामित किये गये है वे गोशाला का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को प्रस्तुत करें। उन्होने कहा कि नोडल अधिकारी द्वारा निरीक्षण में जो भी कमियां इंगित की जाये उसका निस्तारण तत्काल खण्ड विकास अधिकारी और पशु चिकित्साधिकारी द्वारा दूर कराया जाये, इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी को दण्डित किया जायेगा। गो संरक्षण केन्द्रों में चूनी, भूसा, पानी, प्रकाश आदि की व्यवस्था बनी रहे। उन्होने निर्देशित किया प्रतिदिन डाक्टरों द्वारा गौशालाओं का निरीक्षण किया, यदि कोई पशु बीमार है तो उसका ईलाज करें, ईलाज में कोई लापरवाही न बरती जाये। जिलाधिकारी द्वारा बैठक में निर्देशित किया गया कि निराश्रित गोंवश का संरक्षण उत्तर प्रदेश शासन की प्राथमिकता का कार्यक्रम है इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन में जिस भी स्तर से लापरवाही पायी जायेगी सम्बन्धित के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ईशा प्रिया, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अनिल कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी रविशंकर द्विवेदी, जिला विकास अधिकारी ओम प्रकाश मिश्र सहित सम्बन्धित जिला स्तरीय अधिकारी व समस्त खण्ड विकास अधिकारी एवं एडीओ पंचायत उपस्थित रहे।

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