प्रयागराज के करेलाबाग से निकले शिव भक्त कावड़ लेकर काशी की ओर, पैदल कावड़ यात्रा में शामिल शिव की झांकी

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प्रयागराज उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 14 जुलाई से कावड़ यात्रा की शुरुआत हुई, सावन माह के दूसरा सोमवार बीतने के बाद करेलाबाग बालू मंडी क्षेत्र से हजारों की तादाद में भगवान शिव की झांकी के साथ डीजे की धुन पर थिरकते हुए जनपद के कई थाना क्षेत्रों की सीमाओं की सड़कों से कावड़ियों का जुलूस निकला, संगम नगरी के दारागंज क्षेत्र स्थित दशाश्वमेध के शिव मंदिर में गंगाजल चढ़ाते हैं। इसके बाद यहां का जल लेकर वाराणसी में स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर जाते हैं। सावन माह में प्रयाग के आसपास के शिवमंदिर में कांवरिये दशाश्वमेध घाट से ही गंगा जल लेकर जाते हैं। करेलाबाग से निकली कावड़ यात्रा में शामिल कांवरियों के लिए जगह-जगह जलपान की व्यवस्था भी की गई। वही करेलाबाग क्षेत्र के पूर्व पार्षद नंदलाल के बेटे राहुल निषाद अपनी युवा टीम के साथ कावड़ियों की जुलूस में शामिल भक्तों व पुलिस की जवानों को भी ठंडा शरबत पिलाते हुए नज़र आए। जिन जिन रास्तों से कावड़ियों का जत्था गुजरा उन रास्तों पर शिव भक्तों द्वारा जलपान की व्यवस्था की गई। शिव की झांकी की देखरेख में बैठे कुंवर जी निषाद ने बताया कि करेलाबाग से हजारों की तादाद में इस जत्थे में लोग शामिल हैं पैदल यात्रा करते हुए वाराणसी कि भोले शिव के मंदिर में जल चढ़ा कर अपनी मनोकामना की पूर्ति हो जिसके लिए पूजा-अर्चना करेंगे और वहां से प्रयागराज वापस होंगे।


कोरोना संक्रमण के कारण दो साल बाद आयोजित हुई कावड़ यात्रा को लेकर प्रयागराज के अधिकारी काफी सजग दिखे। एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय के मुताबिक, कांवड़ियों को किसी तरह की असुविधा ना हो इसके लिए ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान पहले से ही तैयार कर लिया गया था।
श्रावण मास और कावड़ यात्रा को लेकर जनपद में थाना स्तर पर भी मीटिंग की गई थी। सावन महीने और कांवड़ यात्रा के शुरू होने के तीन दिन पहले रविवार को झूंसी पुलिस द्वारा प्रयागराज-वाराणसी हाईवे पर जगह-जगह लकड़ी की बल्ली लगाकर बैरिकेडिंग कर दी गई। करेलाबाग से कांवरियों का जत्था निकलने के दौरान शहर के एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह, सर्किल ऑफीसर प्रथम सत्येंद्र तिवारी सर्किल ऑफीसर तृतीय मदन सिंह व थाना करेली, अतरसुइया, मुट्ठीगंज, कीडगंज व दारागंज की पुलिस टीम की मौजूदगी में कावड़ियों का जुलूस दारागंज दशाश्वमेध घाट पहुंचा।

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