प्रयागराज में किसान दिवस के अवसर पर किसान सम्मान समारोह/किसान दिवस का किया गया आयोजन

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स्व0 चौधरी चरण सिंह, भूतपूर्व प्रधानमंत्री के जन्म दिवस के अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र नैनी में ‘‘किसान सम्मान दिवस’’ एवं ‘‘जनपद स्तरीय तिलहन मेला’’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ विधायक बारा डाॅ0 वाचस्पति एवं विधायक कोरांव राजमणि कोल के द्वारा दीप प्रज्जवलन एवं स्व0 भूतपूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। किसान सम्मान दिवस के अवसर पर जनपद के अधिकतम उत्पादन प्राप्त करने वाले कृषि, पशुपालन, मत्स्य एवं उद्यान विभाग के 34 कृषकों एवं कृषि विज्ञान केन्द्र के 35 किसानों को विधायक बारा डाॅ0 वाचस्पति, विधायक कोरांव राजमणि कोल तथा मुख्य विकास अधिकारी शिपू गिरि ने प्रशस्ति पत्र एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर कृषकों को सम्बोधित करते हुए विधायक बारा डाॅ0 वाचस्पति ने पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्व0 चौधरी चरण सिंह मुख्यतः किसानों के नेता थे तथा उनका मानना था कि देश की समृद्धि का रास्ता गांवों के खेतों एवं खलियानों से होकर गुजरता है। उन्होंने कहा कि आज इंदिरा प्रतिष्ठान लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जी के द्वारा सम्मानित होने वाले प्रदेश के किसानों में जनपद प्रयागराज की नीलम देवी जो प्रति हे0 गेहूं उत्पादन में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त की है तथा कृषक राजवंश जो कि धान उत्पादन में राज्यस्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त किए है तथा प्रयागराज फिशरीज एफपीओ शामिल है। विधायक जी ने कहा कि यह इस बात का द्योतक है कि जनपद प्रयागराज कृषि उत्पादन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग के अधिकारी किसानों से सामजस्य बढ़ाकर कृषि को वैज्ञानिक ढंग से किए जाने हेतु उन्हें प्रोत्साहित करें, जिससे अगली बार और अधिक किसान पुरस्कृत हो सके। विधायक कोरांव राजमणि कोल ने पूर्व प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर उन्हें ह्रदय से सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वास्तव में स्व0 चौधरी चरण सिंह किसानों के मसीहा थे। उन्होंने कहा कि स्व0 चौधरी चरण सिंह किसानों के हितों के लिए सदैव प्रयत्नशील रहे। उन्होंने अपने सम्बोधन में उपस्थित किसानों से कहा कि आज जो किसान सम्मानित हो रहे है, उनसे उत्पादन को बढ़ाने की तकनीकी के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए अपने उत्पादन को अधिक से अधिक बढ़ाये, जिससे कि उन्हें अच्छी आय प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि हमारे देश में किसानों के परिश्रम एवं लगनशीलता से ही यहां पर कभी भी मंदी का दौर नहीं आया। इस अवसर पर कृषि वैज्ञानिकों के द्वारा किसानों को कृषि उत्पादकता को बढ़ाने हेतु नई-नई तकनीकों, जैविक खेती, प्राकृतिक खेती तथा व्यवहारिक खेती के बारे में जानकारी दी गयी। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र में कृषि से सम्बंधित प्रदर्शनी लगायी गयी थी तथा बीजामृत, जीवामृत तथा घनजीवामृत बनाये जाने का प्रदर्शन भी किया गया। इस अवसर पर उप निदेशक कृषि विनोद कुमार ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व0 चौधरी चरण सिंह के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से खेती करने पर कम लागत में अधिक पैदावार की जा सकती है। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारीगणों के अलावा, कृषि वैज्ञानिक सहित बड़ी संख्या में किसान भाई उपस्थित रहे।

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