यूपी में चाचा को भतीजे की फटकार,बिहार में भतीजे को चाचा की ललकार,जानें क्यों मची है रार

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लखनऊ।उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार की राजनीति में चाचा और भतीजे की जोड़ी धमाल कर रही है।यूपी में जहां चाचा को भतीजा फटकार हुए रहा है,तो वहीं बिहार में भतीजे को चाचा ललकार रहा हैं।अगर देखा जाए तो दोनों बड़े राजनीतिक राज्यों में चाचा और भतीजे में राजनीतिक रार बढ़ गई है।यूपी 2022 विधानसभा चुनाव में जहां भतीजे अखिलेश यादव और चाचा शिवपाल सिंह यादव में रिश्तों बहुत मिठास थी। विधानसभा चुनाव खत्म होते ही चाचा और भतीजे के रिश्ते के मिठास में खटास आ गई है।बिहार में अब तक सीधे तौर पर कम हमला करने वाले चाचा पशुपति पारस ने चिराग पासवान के खिलाफ हमले तेज कर दिए हैं।

उत्तर प्रदेश की बात करें तो प्रसपा मुखिया शिवपाल सिंह यादव और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव में रिश्‍तों की खटास अपने चरम पर पहुंच गई है। भतीजे अखिलेश यादव ने एक तरह से सांकेतिक तौर पर चाचा शिवपाल सिंह यादव को बाहर का रास्ता दिखा दिया है।हाल ही अखिलेश यादव ने एक बयान जारी कर शिवपाल सिंह यादव से साफ कह दिया कि आपको जहां ज्‍यादा सम्‍मान मिले आप वहां जा सकते हैं।भले ही अखिलेश यादव ने साफ तौर पर गठबधन तोड़ने का ऐलान हीं किया, लेकिन इस आधिकारिक बयान से ये तय हो गया कि चाचा और भतीजे की जोड़ी एक साथ चलने में असर्मथ है।

चाचा शिवपाल सिंह यादव और भतीजे अखिलेश यादव के बीच दूरियां बढ़ने का कई कारण हैं। चाचा शिवपाल सिंह यादव ने ही सबसे पहले भतीजे अखिलेश यादव पर आरोप लगाया था कि उन्हें सपा विधायक दल की बैठक में नहीं बुलाया गया था,जबकि वे सपा के विधायक हैं। इतना ही नहीं जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौजूदा राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मु के लिए अपने आवास पर रात्रिभोज का आयोजन किया था, तब सुभासपा मुखिया ओम प्रकाश राजभर के साथ शिवपाल सिंह यादव भी पहुंचे थे।इसके बाद से ही चाचा और भतीजे के रिश्तों में खटास बढ़ गई और अखिलेश यादव ने बयान जारी कर सांकेतिक फटकार लगाई और उन्हें किसी भी पार्टी में जाने की स्वतंत्रता दे दी।

इसी तरह बिहार की राजनीति में भी चाचा पशुपति कुमार पारस और भतीजे चिराग पासवान एक बार फिर से राजनीति का केंद् बन गए है।केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने चिराग पासवान को हाजीपुर से चुनाव लड़ने का खुल्लम खुल्ला चैलेंज दे दिया है।चाचा पशुपति कुमार पारस ने अपने भतीजे चिराग पासवान को ललकारते हुए कहा कि उनका हाजीपुर से चुनाव लड़ना तय है।अब उनके खिलाफ चिराग पासवान आ जाएं या उनकी मां वो तैयार हैं।जनता फैसला कर देगी। पशुपति पारस ने साफ तौर पर कहा कि हाजीपुर से एनडीए का कैंडिडेट वही रहेंगे।इतना ही नहीं बीते दिनों ही मोकामा में हुए हमलो को लेकर पशुपति पारस ने आरोप लगाया था कि उनके ऊपर चिराग पासवान ने जान लेवा हमला कराया था।

बिहार के इस राजनीतिक परिवार में चाचा और भतीजे की लड़ाई उस समय शुरू हुई जब लोजपा के पांच सांसद चिराग पासवान से अलग होकर उनके चाचा पशुपति पारस के साथ चले गए।बाद में पशुपति पारस ने पटना में खुद को लोजपा अध्यक्ष घोषित किया था। वहीं इसके बाद एनडीए की सहयोगी पार्टी होने की वजह से भाजपा ने पशुपति पारस को अपने मोदी मंत्रिमंडल में जगह दी थी।यह मामला कोर्ट में भी पहुंचा और अंत में चाचा और भतीजे को अलग-अलग नाम और सिंबल दिया गया।बीच में चाचा और भतीजा दोनों एक-दूसरे पर हमला करने बच रहे थे, लेकिन अब पशुपति पारस ने फिर शंखनाद कर दिया है।

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